Deshi Cow Ghee

निवाली गौशाला (Niwali Gaushala) अपने शुद्ध और पारंपरिक रूप से तैयार किए गए घी के लिए जानी जाती है। यहाँ के घी की मुख्य विशेषताओं को आप नीचे दिए गए बिंदुओं से समझ सकते हैं:


मुख्य विशेषताएँ

बिलोंना पद्धति: यहाँ आमतौर पर पारंपरिक 'बिलोंना' (Bilona) विधि से घी तैयार किया जाता है। इसमें पहले दूध से दही जमाया जाता है, फिर उस दही को मथकर मक्खन निकाला जाता है और अंत में उसे धीमी आंच पर पकाकर घी बनाया जाता है।


A2 गिर गाय का घी: निवाली गौशाला मुख्य रूप से भारतीय नस्ल की गिर गायों के दूध का उपयोग करती है। गिर गाय का घी स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी माना जाता है क्योंकि इसमें A2 बीटा-केसीन प्रोटीन होता है।


शुद्धता और गुणवत्ता: यह घी कृत्रिम सुगंध, प्रिजर्वेटिव्स या मिलावट से मुक्त होता है। इसका दानेदार टेक्सचर और सोंधी खुशबू इसकी शुद्धता की पहचान है।


स्वास्थ्य लाभ

पाचन में सहायक: बिलोना घी में ब्यूटिरिक एसिड होता है, जो पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने और मेटाबॉलिज्म सुधारने में मदद करता है।


मानसिक स्वास्थ्य: आयुर्वेद के अनुसार, गिर गाय का घी याददाश्त बढ़ाने और मस्तिष्क के पोषण के लिए उत्तम है।


हृदय के लिए सुरक्षित: इसमें मौजूद ओमेगा-3 और ओमेगा-6 फैटी एसिड कोलेस्ट्रॉल को संतुलित रखने में सहायक हो सकते हैं।


इम्युनिटी: यह विटामिन A, D, E और K का एक अच्छा स्रोत है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।


उपयोग कैसे करें?

भोजन में: इसे दाल, रोटी या खिचड़ी के ऊपर डालकर खाने से स्वाद और पोषण दोनों बढ़ते हैं।


आयुर्वेदिक उपचार: इसे रात में गर्म दूध के साथ लेने या नाक में दो बूंद डालने (नस्य क्रिया) के लिए भी उपयोग किया जाता है।

Happy Customer
Testimonials

बचपन जैसी खुशबू और स्वाद: "कई सालों बाद ऐसा घी मिला है जिसकी खुशबू और दानेदार बनावट वैसी ही है जैसी बचपन में गाँव के शुद्ध घी में होती थी। दाल और रोटी का स्वाद इसके बिना अधूरा लगता है।"

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Sunil Mehta

पाचन में सुधार: "बाजार के सामान्य घी से अक्सर भारीपन महसूस होता था, लेकिन निवाली गौशाला का बिलोना घी इस्तेमाल करने के बाद से पाचन बेहतर हुआ है और यह पेट के लिए काफी हल्का महसूस होता है।"

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Sumit Mathur

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